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तुम्हे अपनी मुश्किलें छोटी लगेगी और विश्वास होने लगेगा कि मैं अब भी जीत सकता हूँ

ज़िन्दगी जब मुश्किल हो जाये ,इतनी मुश्किल कि तुम हौंसला हारने लगो तो गौर करना और देखना डूबते हुए सूरज को कल वो वापिस लौटेगा कुछ सुस्ताने के बाद ,नए सिरे से इस संसार को रोशन करने ; तो गौर करना और महसूस करना जिस्म से छूटती हुई सांस को , वो छोड़ी इसलिए जाती है कि कार्बन डाई ऑक्साइड निकाल सके और नई ऊर्जा के लिए ऑक्सीजन ले सके . ज़माने में कुछ ऐसे लोग थे जिन पर तुम्हे अटूट भरोसा था और वे तुम्हारे इस मुश्किल दौर में तुम्हारे साथ नहीं थे ( अच्छा हुआ कार्बन डा ई ऑक्साइड निकल गई - वे तुम्हारी ज़िन्दगी के बैरियर थे ) लेकिन कुछ ऐसे लोग भी थे जिनसे तुम्हे कोई उम्मीद नहीं थी फिर भी वे जाने- अनजाने तुम्हारे साथ खड़े थे . और शुक्रिया अदा करना नीली छतरी वाले का कि उसने तुम्हे मौका दिया अपने पंख पसारने का, तुम्हारे अनुभव के संसार को समृद्ध करने का , असली और नकली की पहचान करने का ,बंद अँधेरे विश्वास की गलियों में भटकते मन में उजाला भरने का ,और शुक्रिया अदा करना उन साथियों के लिए जो मुश्किलों के दौर में तुम्हारे साथ खड़े थे कुछ पुराने और कुछ नए साथी .  तुम अपनी ज़िन्दगी की मुश्किलें मत देखना वो उपलब्धियां ...

अमीर बनना है तो फाइनेंसियल एजुकेशन सीखें !

अमीर पैसे से मोहब्बत करते है, वे पैसा कैसे कमाया जाता है, बचाया  जाता और बढ़ाया जाता है ये  सीखने और समझने के लिए वक्त देते है,  मेहनत करते है यानि फाइनेंसियल एजुकेशन सीखते है जो  तीसरी तरह  की शिक्षा पद्धति है .ज बकि आम आदमी अमूनन पहली- अकादमिक  एजुकेशन(साधारण  पढाई-लिखाई) और दूसरी प्रोफेशनल एजुकेशन  (व्यावसायिक शिक्षा - जैसे फर्नीचर बनाना, टाइपिंग  सीखना वगैरह ) ही  सीखता है वो फाइनेंसियल एजुकेशन के नाम पर पुराने ज़माने के कुंद पड़े  हथियारों  के बारे में जानकारी करता है -जैसे बैंक अफ/डी , आर/डी ,  सेविंग आदि . और मुद्रा स्फीति  की  बढ़ती दर के ज़माने में अधूरी  जानकारी की वजह से वो अपनी पूँजी को फांसी का फंदा पहनाता रहता  है. अमीर बनना है तो फाइनेंसियल एजुकेशन सीखें .